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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-11-05

ऋषिकेश पंचांग — 5 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 10:36 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 1तक 03:56 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगइन्द्रतक 06:26 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 10:36 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:34 AM
सूर्यास्त05:27 PM
चन्द्रोदय02:42 AM
चन्द्रास्त02:57 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:38 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:58 AM – 05:46 AM
अमृत काल09:10 PM – 10:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:22 PM – 02:43 PM
गुलिक काल09:17 AM – 10:38 AM
यमगण्ड06:34 AM – 07:55 AM
वर्ज्यम्11:23 AM – 01:01 PM
दुर्मुहूर्त01:05 PM – 01:49 PM
दुर्मुहूर्त03:59 PM – 04:43 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:34 AM – 07:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:55 AM – 09:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:17 AM – 10:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 AM – 12:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:00 PM – 01:22 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:22 PM – 02:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:43 PM – 04:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:05 PM – 05:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:27 PM – 07:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:05 PM – 08:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:43 PM – 10:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:22 PM – 12:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:00 AM – 01:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:38 AM – 03:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:17 AM – 04:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:55 AM – 06:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle