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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-12-25

ऋषिकेश पंचांग — 25 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 11:26 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 10:50 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगब्रह्मतक 08:28 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 01:15 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:10 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चन्द्रोदय06:58 PM
चन्द्रास्त08:21 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:34 AM – 06:22 AM
अमृत काल09:53 PM – 11:18 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:00 AM – 12:17 PM
गुलिक काल08:26 AM – 09:43 AM
यमगण्ड02:50 PM – 04:07 PM
वर्ज्यम्01:28 PM – 02:52 PM
दुर्मुहूर्त11:15 AM – 11:56 AM
दुर्मुहूर्त01:59 PM – 02:40 PM

दिन चौघड़िया

चर07:10 AM – 08:26 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:26 AM – 09:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:43 AM – 11:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:00 AM – 12:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:17 PM – 01:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:33 PM – 02:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:50 PM – 04:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:07 PM – 05:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:24 PM – 07:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:07 PM – 08:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:50 PM – 10:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:33 PM – 12:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:17 AM – 02:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:00 AM – 03:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:43 AM – 05:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:26 AM – 07:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle