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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2027-01-03

ऋषिकेश पंचांग — 3 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · रविवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 04:08 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रविशाखा · पाद 2तक 09:37 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगधृतितक 11:37 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 04:08 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त05:29 PM
चन्द्रोदय03:25 AM
चन्द्रास्त01:42 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:41 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:37 AM – 06:25 AM
अमृत काल01:10 PM – 02:55 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:12 PM – 05:29 PM
गुलिक काल02:55 PM – 04:12 PM
यमगण्ड12:21 PM – 01:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:06 PM – 04:47 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:13 AM – 08:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:30 AM – 09:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:47 AM – 11:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:04 AM – 12:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:21 PM – 01:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:38 PM – 02:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:55 PM – 04:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:12 PM – 05:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:29 PM – 07:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:12 PM – 08:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:55 PM – 10:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 PM – 12:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:21 AM – 02:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:04 AM – 03:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:47 AM – 05:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:30 AM – 07:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle