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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2027-07-23

ऋषिकेश पंचांग — 23 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 06:56 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 1तक 01:53 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशोभनतक 08:03 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:56 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:30 AM
सूर्यास्त07:17 PM
चन्द्रोदय09:50 PM
चन्द्रास्त09:22 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:54 AM – 04:42 AM
अमृत काल04:35 PM – 06:21 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:40 AM – 12:23 PM
गुलिक काल07:13 AM – 08:56 AM
यमगण्ड03:50 PM – 05:33 PM
वर्ज्यम्06:01 AM – 07:46 AM
दुर्मुहूर्त11:00 AM – 11:55 AM
दुर्मुहूर्त02:41 PM – 03:36 PM

दिन चौघड़िया

चर05:30 AM – 07:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:13 AM – 08:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:56 AM – 10:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:40 AM – 12:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:23 PM – 02:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:06 PM – 03:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:50 PM – 05:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:33 PM – 07:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:17 PM – 08:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:33 PM – 09:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:50 PM – 11:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:06 PM – 12:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:23 AM – 01:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:40 AM – 02:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:56 AM – 04:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:13 AM – 05:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle