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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2026-08-05

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 5 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 08:12 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 4तक 08:48 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगगण्डतक 02:30 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 08:12 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:17 AM
सूर्यास्त08:14 PM
चन्द्रोदय11:53 PM
चन्द्रास्त01:36 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:41 AM – 05:29 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:15 PM – 03:00 PM
गुलिक काल11:30 AM – 01:15 PM
यमगण्ड08:01 AM – 09:46 AM
वर्ज्यम्05:13 AM – 06:46 AM
अभिजित मुहूर्त12:47 PM – 01:43 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:00 AM – 10:56 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:17 AM – 08:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:01 AM – 09:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:46 AM – 11:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:30 AM – 01:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:15 PM – 03:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:00 PM – 04:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:44 PM – 06:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:29 PM – 08:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग08:14 PM – 09:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:29 PM – 10:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:44 PM – 12:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:00 AM – 01:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:15 AM – 02:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:30 AM – 03:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:46 AM – 05:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:01 AM – 06:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle