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सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 28 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शुक्रवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 09:27 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 3तक 02:43 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसुकर्मातक 06:06 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 09:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:36 AM
सूर्यास्त07:45 PM
चन्द्रोदय08:07 PM
चन्द्रास्त07:01 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:36 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:00 AM – 05:48 AM
अमृत काल07:53 AM – 09:32 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:31 AM – 01:10 PM
गुलिक काल08:14 AM – 09:53 AM
यमगण्ड04:27 PM – 06:06 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:51 AM – 12:44 PM
दुर्मुहूर्त03:22 PM – 04:14 PM

दिन चौघड़िया

चर06:36 AM – 08:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:14 AM – 09:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:53 AM – 11:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:31 AM – 01:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:10 PM – 02:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:49 PM – 04:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:27 PM – 06:06 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:06 PM – 07:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:45 PM – 09:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:06 PM – 10:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:27 PM – 11:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:49 PM – 01:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:10 AM – 02:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:31 AM – 03:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:53 AM – 05:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:14 AM – 06:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle