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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2026-10-27

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 27 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · मङ्गलवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 03:37 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 12:56 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्यतीपाततक 06:48 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 03:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:30 AM
सूर्यास्त06:17 PM
चन्द्रोदय07:14 PM
चन्द्रास्त09:24 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:31 PM – 01:15 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:54 AM – 06:42 AM
अमृत काल12:15 AM – 01:42 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:35 PM – 04:56 PM
गुलिक काल12:53 PM – 02:14 PM
यमगण्ड10:11 AM – 11:32 AM
वर्ज्यम्03:33 PM – 05:00 PM
दुर्मुहूर्त11:48 AM – 12:31 PM
दुर्मुहूर्त02:41 PM – 03:24 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:30 AM – 08:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:50 AM – 10:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:11 AM – 11:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:32 AM – 12:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:53 PM – 02:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:14 PM – 03:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:35 PM – 04:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:56 PM – 06:17 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:17 PM – 07:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:56 PM – 09:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:35 PM – 11:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:14 PM – 12:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:53 AM – 02:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:32 AM – 04:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:11 AM – 05:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:50 AM – 07:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle