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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2026-11-01

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 1 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · रविवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 12:41 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुष्य · पाद 3तक 04:00 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशुभतक 11:36 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:28 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:35 AM
सूर्यास्त06:11 PM
चन्द्रोदय12:49 AM
चन्द्रास्त02:13 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:31 PM – 01:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:59 AM – 06:47 AM
अमृत काल11:28 AM – 01:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:51 PM – 06:11 PM
गुलिक काल03:32 PM – 04:51 PM
यमगण्ड12:53 PM – 02:12 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:46 PM – 05:28 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:35 AM – 08:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:54 AM – 10:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:14 AM – 11:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:33 AM – 12:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:53 PM – 02:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:12 PM – 03:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:32 PM – 04:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:51 PM – 06:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:11 PM – 07:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:51 PM – 09:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:32 PM – 11:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:12 PM – 12:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:53 AM – 02:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:33 AM – 04:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:14 AM – 05:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:54 AM – 07:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle