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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2027-01-02

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 2 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 02:38 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 08:07 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगधृतितक 10:07 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 01:43 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:25 AM
सूर्यास्त05:03 PM
चन्द्रोदय03:10 AM
चन्द्रास्त12:57 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:49 AM – 06:37 AM
अमृत काल11:53 PM – 01:38 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:49 AM – 11:01 AM
गुलिक काल07:25 AM – 08:37 AM
यमगण्ड01:26 PM – 02:38 PM
वर्ज्यम्01:22 PM – 03:07 PM
दुर्मुहूर्त09:59 AM – 10:37 AM
दुर्मुहूर्त01:50 PM – 02:28 PM

दिन चौघड़िया

काल07:25 AM – 08:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:37 AM – 09:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:49 AM – 11:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:01 AM – 12:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:14 PM – 01:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:26 PM – 02:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:38 PM – 03:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:50 PM – 05:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:03 PM – 06:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:50 PM – 08:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:38 PM – 10:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:26 PM – 12:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:14 AM – 02:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:01 AM – 03:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:49 AM – 05:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:37 AM – 07:25 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle