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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2027-03-04

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 4 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 08:24 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 12:05 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवरीयान्तक 12:30 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:11 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त06:06 PM
चन्द्रोदय04:52 AM
चन्द्रास्त02:41 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM – 05:49 AM
अमृत काल05:31 AM – 07:19 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:47 PM – 03:13 PM
गुलिक काल09:29 AM – 10:55 AM
यमगण्ड06:37 AM – 08:03 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:30 PM – 02:16 PM
दुर्मुहूर्त04:34 PM – 05:20 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:37 AM – 08:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:03 AM – 09:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:29 AM – 10:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:55 AM – 12:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:21 PM – 01:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:47 PM – 03:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:13 PM – 04:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:39 PM – 06:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:06 PM – 07:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:39 PM – 09:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:13 PM – 10:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:47 PM – 12:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:21 AM – 01:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:55 AM – 03:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:29 AM – 05:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:03 AM – 06:37 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle