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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2027-05-11

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 11 मई 2027

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, पुष्य नक्षत्र · मङ्गलवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 12:54 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 02:26 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगगण्डतक 01:34 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:54 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:03 AM
सूर्यास्त08:09 PM
चन्द्रोदय11:07 AM
चन्द्रास्त12:56 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:37 PM – 01:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:27 AM – 05:15 AM
अमृत काल08:28 PM – 09:58 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:37 PM – 06:23 PM
गुलिक काल01:06 PM – 02:51 PM
यमगण्ड09:34 AM – 11:20 AM
वर्ज्यम्11:28 AM – 12:58 PM
दुर्मुहूर्त11:41 AM – 12:37 PM
दुर्मुहूर्त03:27 PM – 04:23 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:03 AM – 07:48 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:48 AM – 09:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:34 AM – 11:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:20 AM – 01:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:06 PM – 02:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:51 PM – 04:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:37 PM – 06:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:23 PM – 08:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल08:09 PM – 09:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:23 PM – 10:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:37 PM – 11:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:51 PM – 01:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:06 AM – 02:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:20 AM – 03:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:34 AM – 04:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:48 AM – 06:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle