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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2027-08-02

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 2 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · सोमवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 11:21 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 1तक 01:46 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 06:02 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 01:12 PMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:14 AM
सूर्यास्त08:18 PM
चन्द्रोदय06:35 AM
चन्द्रास्त08:34 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:38 AM – 05:26 AM
अमृत काल12:36 AM – 02:00 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:59 AM – 09:45 AM
गुलिक काल03:01 PM – 04:47 PM
यमगण्ड11:30 AM – 01:16 PM
वर्ज्यम्04:09 PM – 05:33 PM
अभिजित मुहूर्त12:47 PM – 01:44 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:32 PM – 05:29 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:14 AM – 07:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:59 AM – 09:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:45 AM – 11:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:30 AM – 01:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:16 PM – 03:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:01 PM – 04:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:47 PM – 06:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:32 PM – 08:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:18 PM – 09:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:32 PM – 10:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:47 PM – 12:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:01 AM – 01:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:16 AM – 02:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:30 AM – 03:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:45 AM – 04:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:59 AM – 06:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle