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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2027-08-18

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 18 अगस्त 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, शतभिषा नक्षत्र · बुधवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 04:46 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 3तक 04:45 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगअतिगण्डतक 01:52 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 03:48 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:28 AM
सूर्यास्त07:59 PM
चन्द्रोदय08:38 PM
चन्द्रास्त07:42 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:52 AM – 05:40 AM
अमृत काल09:14 AM – 11:00 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:13 PM – 02:54 PM
गुलिक काल11:32 AM – 01:13 PM
यमगण्ड08:09 AM – 09:50 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:46 PM – 01:40 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:04 AM – 10:58 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:28 AM – 08:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:09 AM – 09:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:50 AM – 11:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:32 AM – 01:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:13 PM – 02:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:54 PM – 04:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:36 PM – 06:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:17 PM – 07:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:59 PM – 09:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:17 PM – 10:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:36 PM – 11:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:54 PM – 01:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:13 AM – 02:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:32 AM – 03:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:50 AM – 05:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:09 AM – 06:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle