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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2027-09-21

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 21 सितम्बर 2027

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · मङ्गलवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 05:22 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 05:22 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवज्रतक 03:34 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 05:22 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:56 AM
सूर्यास्त07:08 PM
चन्द्रोदय10:27 PM
चन्द्रास्त12:54 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:37 PM – 01:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:20 AM – 06:08 AM
अमृत काल03:08 AM – 04:43 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:05 PM – 05:36 PM
गुलिक काल01:02 PM – 02:33 PM
यमगण्ड09:59 AM – 11:30 AM
वर्ज्यम्10:25 PM – 11:59 PM
दुर्मुहूर्त11:48 AM – 12:37 PM
दुर्मुहूर्त03:04 PM – 03:52 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:56 AM – 08:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:27 AM – 09:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:59 AM – 11:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:30 AM – 01:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:02 PM – 02:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:33 PM – 04:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:05 PM – 05:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:36 PM – 07:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:08 PM – 08:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:36 PM – 10:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:05 PM – 11:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:33 PM – 01:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:02 AM – 02:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:30 AM – 03:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:59 AM – 05:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:27 AM – 06:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle