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VedicSpaceपंचांगशिमला › 2026-07-31

शिमला पंचांग — 31 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · हिमाचल प्रदेश (31.1048°, 77.1734°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिमला (31.1048°, 77.1734°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 10:32 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 07:27 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसौभाग्यतक 11:54 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:04 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:37 AM
सूर्यास्त07:18 PM
चन्द्रोदय08:29 PM
चन्द्रास्त06:55 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:01 AM – 04:49 AM
अमृत काल07:57 AM – 09:40 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:44 AM – 12:27 PM
गुलिक काल07:19 AM – 09:02 AM
यमगण्ड03:52 PM – 05:35 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:05 AM – 12:00 PM
दुर्मुहूर्त02:44 PM – 03:39 PM

दिन चौघड़िया

चर05:37 AM – 07:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:19 AM – 09:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:02 AM – 10:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:44 AM – 12:27 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:27 PM – 02:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:10 PM – 03:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:52 PM – 05:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:35 PM – 07:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:18 PM – 08:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:35 PM – 09:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:52 PM – 11:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:10 PM – 12:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:27 AM – 01:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:44 AM – 03:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:02 AM – 04:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:19 AM – 05:37 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle