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VedicSpaceपंचांगशिमला › 2027-06-11

शिमला पंचांग — 11 जून 2027

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · हिमाचल प्रदेश (31.1048°, 77.1734°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिमला (31.1048°, 77.1734°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 03:45 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 3तक 05:27 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवज्रतक 12:55 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:26 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:17 AM
सूर्यास्त07:25 PM
चन्द्रोदय12:14 PM
चन्द्रास्त12:30 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:41 AM – 04:29 AM
अमृत काल10:33 AM – 12:06 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:35 AM – 12:21 PM
गुलिक काल07:03 AM – 08:49 AM
यमगण्ड03:53 PM – 05:39 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:56 AM – 11:52 AM
दुर्मुहूर्त02:42 PM – 03:38 PM

दिन चौघड़िया

चर05:17 AM – 07:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:03 AM – 08:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:49 AM – 10:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:35 AM – 12:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:21 PM – 02:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:07 PM – 03:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:53 PM – 05:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:39 PM – 07:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:25 PM – 08:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:39 PM – 09:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:53 PM – 11:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:07 PM – 12:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:21 AM – 01:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:35 AM – 02:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:49 AM – 04:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:03 AM – 05:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle