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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2026-04-29

शिरडी पंचांग — 29 अप्रैल 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, हस्त नक्षत्र · बुधवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 07:52 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रहस्त · पाद 2तक 12:16 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगहर्षणतक 08:51 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:19 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:55 PM
चन्द्रोदय05:04 PM
चन्द्रास्त04:15 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल05:54 PM – 07:37 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:29 PM – 02:05 PM
गुलिक काल10:53 AM – 12:29 PM
यमगण्ड07:40 AM – 09:16 AM
वर्ज्यम्08:03 AM – 09:46 AM
अभिजित मुहूर्त12:03 PM – 12:55 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:29 AM – 10:21 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:04 AM – 07:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:40 AM – 09:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:16 AM – 10:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:53 AM – 12:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:29 PM – 02:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 PM – 03:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:42 PM – 05:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:18 PM – 06:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:55 PM – 08:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:18 PM – 09:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:42 PM – 11:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:05 PM – 12:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:29 AM – 01:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:53 AM – 03:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:16 AM – 04:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:40 AM – 06:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle