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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2026-08-01

शिरडी पंचांग — 1 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शनिवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 11:07 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 2तक 08:45 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशोभनतक 11:23 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 10:53 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त07:09 PM
चन्द्रोदय09:03 PM
चन्द्रास्त08:14 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:12 PM – 01:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM – 05:20 AM
अमृत काल01:19 PM – 03:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:23 AM – 11:00 AM
गुलिक काल06:08 AM – 07:45 AM
यमगण्ड02:16 PM – 03:53 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:36 AM – 10:28 AM
दुर्मुहूर्त02:48 PM – 03:40 PM

दिन चौघड़िया

काल06:08 AM – 07:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:45 AM – 09:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:23 AM – 11:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:00 AM – 12:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:38 PM – 02:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:16 PM – 03:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:53 PM – 05:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:31 PM – 07:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:09 PM – 08:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:31 PM – 09:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:53 PM – 11:16 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:16 PM – 12:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:38 AM – 02:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:00 AM – 03:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:23 AM – 04:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:45 AM – 06:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle