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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2026-10-14

शिरडी पंचांग — 14 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · बुधवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 01:13 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 04:03 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगआयुष्मान्तक 08:39 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:17 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:26 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय09:38 AM
चन्द्रास्त08:31 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:50 AM – 05:38 AM
अमृत काल02:25 PM – 05:03 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:18 PM – 01:46 PM
गुलिक काल10:50 AM – 12:18 PM
यमगण्ड07:54 AM – 09:22 AM
वर्ज्यम्06:30 AM – 08:16 AM
अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:41 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:33 AM – 10:20 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:26 AM – 07:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:54 AM – 09:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:22 AM – 10:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:50 AM – 12:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:18 PM – 01:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:46 PM – 03:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:14 PM – 04:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:42 PM – 06:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:10 PM – 07:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:42 PM – 09:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:14 PM – 10:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:46 PM – 12:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:18 AM – 01:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:50 AM – 03:22 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:22 AM – 04:54 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:54 AM – 06:26 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle