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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2026-11-22

शिरडी पंचांग — 22 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 02:37 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 04:15 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्यतीपाततक 11:29 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणकौलवतक 03:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:44 AM
सूर्यास्त05:52 PM
चन्द्रोदय03:53 PM
चन्द्रास्त04:02 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:08 AM – 05:56 AM
अमृत काल10:17 PM – 11:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:28 PM – 05:52 PM
गुलिक काल03:05 PM – 04:28 PM
यमगण्ड12:18 PM – 01:41 PM
वर्ज्यम्01:16 AM – 02:45 AM
दुर्मुहूर्त04:22 PM – 05:07 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:44 AM – 08:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:07 AM – 09:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:31 AM – 10:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:54 AM – 12:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:18 PM – 01:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:41 PM – 03:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:05 PM – 04:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:28 PM – 05:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:52 PM – 07:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:28 PM – 09:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:05 PM – 10:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:41 PM – 12:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:18 AM – 01:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:54 AM – 03:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:31 AM – 05:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:07 AM – 06:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle