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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2026-12-16

शिरडी पंचांग — 16 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · बुधवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 10:46 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 3तक 02:02 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवज्रतक 01:46 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 10:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त05:56 PM
चन्द्रोदय11:59 AM
चन्द्रास्त12:01 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:23 AM – 06:11 AM
अमृत काल07:14 AM – 08:58 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:27 PM – 01:49 PM
गुलिक काल11:05 AM – 12:27 PM
यमगण्ड08:21 AM – 09:43 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:05 PM – 12:49 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:54 AM – 10:38 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:59 AM – 08:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:21 AM – 09:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:43 AM – 11:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:05 AM – 12:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:27 PM – 01:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:49 PM – 03:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:11 PM – 04:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:33 PM – 05:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:56 PM – 07:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:33 PM – 09:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:11 PM – 10:49 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:49 PM – 12:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:27 AM – 02:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:05 AM – 03:43 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:43 AM – 05:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:21 AM – 06:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle