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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2026-12-20

शिरडी पंचांग — 20 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 08:15 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 02:55 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगपरिघतक 08:10 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 09:18 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त05:58 PM
चन्द्रोदय02:26 PM
चन्द्रास्त02:44 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:07 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:25 AM – 06:13 AM
अमृत काल09:08 AM – 10:38 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:35 PM – 05:58 PM
गुलिक काल03:13 PM – 04:35 PM
यमगण्ड12:29 PM – 01:51 PM
वर्ज्यम्12:09 PM – 01:40 PM
दुर्मुहूर्त04:30 PM – 05:14 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:01 AM – 08:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:23 AM – 09:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:45 AM – 11:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:07 AM – 12:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:29 PM – 01:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:51 PM – 03:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:13 PM – 04:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:35 PM – 05:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:58 PM – 07:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:35 PM – 09:13 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:13 PM – 10:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:51 PM – 12:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:29 AM – 02:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:07 AM – 03:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:45 AM – 05:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:23 AM – 07:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle