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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2027-01-09

शिरडी पंचांग — 9 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 07:07 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 12:16 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगहर्षणतक 04:15 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 05:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:08 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय08:14 AM
चन्द्रास्त07:25 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:16 PM – 01:01 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:32 AM – 06:20 AM
अमृत काल06:11 AM – 08:00 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:53 AM – 11:16 AM
गुलिक काल07:08 AM – 08:30 AM
यमगण्ड02:01 PM – 03:24 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:04 AM – 10:48 AM
दुर्मुहूर्त02:29 PM – 03:13 PM

दिन चौघड़िया

काल07:08 AM – 08:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:30 AM – 09:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:53 AM – 11:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:16 AM – 12:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:39 PM – 02:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:01 PM – 03:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:24 PM – 04:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:47 PM – 06:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:10 PM – 07:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:47 PM – 09:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:24 PM – 11:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:01 PM – 12:39 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:39 AM – 02:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:16 AM – 03:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:53 AM – 05:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:30 AM – 07:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle