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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2027-04-09

शिरडी पंचांग — 9 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, भरणी नक्षत्र · शुक्रवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 01:32 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 05:11 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगप्रीतितक 12:59 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 02:23 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:19 AM
सूर्यास्त06:49 PM
चन्द्रोदय07:41 AM
चन्द्रास्त09:11 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 12:59 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:43 AM – 05:31 AM
अमृत काल12:53 PM – 02:25 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:00 AM – 12:34 PM
गुलिक काल07:52 AM – 09:26 AM
यमगण्ड03:41 PM – 05:15 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:19 AM – 12:09 PM
दुर्मुहूर्त02:39 PM – 03:29 PM

दिन चौघड़िया

चर06:19 AM – 07:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:52 AM – 09:26 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:26 AM – 11:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:00 AM – 12:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:34 PM – 02:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:07 PM – 03:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:41 PM – 05:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:15 PM – 06:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:49 PM – 08:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:15 PM – 09:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:41 PM – 11:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:07 PM – 12:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:34 AM – 02:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:00 AM – 03:26 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:26 AM – 04:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:52 AM – 06:19 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle