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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2027-06-03

शिरडी पंचांग — 3 जून 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, भरणी नक्षत्र · गुरुवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 06:35 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रभरणी · पाद 4तक 11:02 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 07:05 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 06:35 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:52 AM
सूर्यास्त07:08 PM
चन्द्रोदय04:10 AM
चन्द्रास्त05:42 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:03 PM – 12:56 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:16 AM – 05:04 AM
अमृत काल06:24 AM – 07:54 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:09 PM – 03:49 PM
गुलिक काल09:11 AM – 10:50 AM
यमगण्ड05:52 AM – 07:31 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:49 PM – 02:42 PM
दुर्मुहूर्त05:21 PM – 06:14 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:52 AM – 07:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:31 AM – 09:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:11 AM – 10:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:50 AM – 12:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:30 PM – 02:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:09 PM – 03:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:49 PM – 05:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:28 PM – 07:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:08 PM – 08:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:28 PM – 09:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:49 PM – 11:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:09 PM – 12:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:30 AM – 01:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:50 AM – 03:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:11 AM – 04:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:31 AM – 05:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle