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VedicSpaceपंचांगशिरडी › 2027-09-20

शिरडी पंचांग — 20 सितम्बर 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, भरणी नक्षत्र · सोमवार · महाराष्ट्र (19.7668°, 74.4773°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिरडी (19.7668°, 74.4773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 07:09 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 06:09 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्याघाततक 07:14 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 07:09 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:20 AM
सूर्यास्त06:31 PM
चन्द्रोदय09:19 PM
चन्द्रास्त09:55 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:44 AM – 05:32 AM
अमृत काल01:37 PM – 03:14 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:51 AM – 09:22 AM
गुलिक काल01:56 PM – 03:28 PM
यमगण्ड10:54 AM – 12:25 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:49 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:16 PM – 04:04 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:20 AM – 07:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:51 AM – 09:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:22 AM – 10:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:54 AM – 12:25 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:25 PM – 01:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:56 PM – 03:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:28 PM – 04:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:59 PM – 06:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:31 PM – 07:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:59 PM – 09:28 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:28 PM – 10:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:56 PM – 12:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:25 AM – 01:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:54 AM – 03:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:22 AM – 04:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:51 AM – 06:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle