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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2026-01-04

श्रीनगर पंचांग — 4 जनवरी 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · रविवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 12:30 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 3तक 03:11 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवैधृतितक 01:47 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणकौलवतक 12:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:37 AM
सूर्यास्त05:35 PM
चन्द्रोदय06:42 PM
चन्द्रास्त08:28 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:16 PM – 12:55 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:01 AM – 06:49 AM
अमृत काल02:37 PM – 04:04 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:20 PM – 05:35 PM
गुलिक काल03:05 PM – 04:20 PM
यमगण्ड12:36 PM – 01:50 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:15 PM – 04:55 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:37 AM – 08:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:51 AM – 10:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:06 AM – 11:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:21 AM – 12:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:36 PM – 01:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:50 PM – 03:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:05 PM – 04:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:20 PM – 05:35 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:35 PM – 07:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:20 PM – 09:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:05 PM – 10:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:50 PM – 12:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:36 AM – 02:21 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:21 AM – 04:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:06 AM – 05:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:51 AM – 07:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle