VedicSpace › पंचांग › श्रीनगर › 2026-02-16
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, श्रवण नक्षत्र · सोमवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 05:34 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | श्रवण · पाद 2 | तक 08:48 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | वरीयान् | तक 01:50 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | शकुनि | तक 05:34 PM | स्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित। |
| सूर्योदय | 07:15 AM |
| सूर्यास्त | 06:16 PM |
| चन्द्रोदय | 06:42 AM |
| चन्द्रास्त | 05:03 PM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | कुम्भ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:39 AM – 06:27 AM |
| अमृत काल | 11:16 AM – 12:55 PM |
| राहु काल | 08:37 AM – 10:00 AM |
| गुलिक काल | 02:08 PM – 03:30 PM |
| यमगण्ड | 11:22 AM – 12:45 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:23 PM – 01:07 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:19 PM – 04:03 PM |
| अमृत | 07:15 AM – 08:37 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:37 AM – 10:00 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:00 AM – 11:22 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:22 AM – 12:45 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:45 PM – 02:08 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:08 PM – 03:30 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:30 PM – 04:53 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:53 PM – 06:16 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:16 PM – 07:53 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:53 PM – 09:30 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:30 PM – 11:08 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:08 PM – 12:45 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:45 AM – 02:22 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:22 AM – 04:00 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:00 AM – 05:37 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:37 AM – 07:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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