VedicSpace › पंचांग › श्रीनगर › 2026-06-04
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 11:30 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा · पाद 1 | तक 03:41 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | शुक्ल | तक 09:03 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 10:28 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:19 AM |
| सूर्यास्त | 07:39 PM |
| चन्द्रोदय | 11:07 PM |
| चन्द्रास्त | 08:12 AM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 PM – 12:57 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:43 AM – 04:31 AM |
| अमृत काल | 07:54 PM – 09:40 PM |
| राहु काल | 02:16 PM – 04:04 PM |
| गुलिक काल | 08:54 AM – 10:41 AM |
| यमगण्ड | 05:19 AM – 07:06 AM |
| वर्ज्यम् | 09:13 AM – 11:00 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:55 PM – 02:52 PM |
| दुर्मुहूर्त | 05:44 PM – 06:41 PM |
| शुभ | 05:19 AM – 07:06 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:06 AM – 08:54 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:54 AM – 10:41 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:41 AM – 12:29 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:29 PM – 02:16 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:16 PM – 04:04 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:04 PM – 05:51 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:51 PM – 07:39 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 07:39 PM – 08:51 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:51 PM – 10:04 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:04 PM – 11:16 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:16 PM – 12:29 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:29 AM – 01:41 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:41 AM – 02:54 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:54 AM – 04:06 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:06 AM – 05:19 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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