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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2026-08-09

श्रीनगर पंचांग — 9 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · रविवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 11:05 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 3तक 02:43 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 02:04 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 11:05 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त07:25 PM
चन्द्रोदय01:30 AM
चन्द्रास्त04:47 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 01:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 04:59 AM
अमृत काल06:30 AM – 07:58 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:42 PM – 07:25 PM
गुलिक काल04:00 PM – 05:42 PM
यमगण्ड12:36 PM – 02:18 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:35 PM – 06:30 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:47 AM – 07:29 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:29 AM – 09:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:11 AM – 10:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:53 AM – 12:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:36 PM – 02:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:18 PM – 04:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:00 PM – 05:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:42 PM – 07:25 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:25 PM – 08:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:42 PM – 10:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:00 PM – 11:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:18 PM – 12:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:36 AM – 01:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:53 AM – 03:11 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:11 AM – 04:29 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:29 AM – 05:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle