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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2026-08-19

श्रीनगर पंचांग — 19 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, स्वाती नक्षत्र · बुधवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 07:20 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रस्वाती · पाद 4तक 06:47 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगब्रह्मतक 03:44 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 06:31 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:55 AM
सूर्यास्त07:14 PM
चन्द्रोदय12:41 PM
चन्द्रास्त10:39 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:19 AM – 05:07 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:34 PM – 02:14 PM
गुलिक काल10:54 AM – 12:34 PM
यमगण्ड07:34 AM – 09:14 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:07 PM – 01:01 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:28 AM – 10:21 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:55 AM – 07:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:34 AM – 09:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:14 AM – 10:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:54 AM – 12:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:34 PM – 02:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:14 PM – 03:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:54 PM – 05:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:34 PM – 07:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:14 PM – 08:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:34 PM – 09:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:54 PM – 11:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:14 PM – 12:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:34 AM – 01:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:54 AM – 03:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:14 AM – 04:34 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:34 AM – 05:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle