VedicSpace › पंचांग › श्रीनगर › 2026-10-16
शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष षष्ठी | तक 05:54 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा · पाद 4 | तक 06:47 AM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शोभन | तक 10:05 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | कौलव | तक 04:38 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:36 AM |
| सूर्यास्त | 05:56 PM |
| चन्द्रोदय | 12:07 PM |
| चन्द्रास्त | 09:28 PM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:53 AM – 12:38 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:00 AM – 05:48 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 10:51 AM – 12:16 PM |
| गुलिक काल | 08:01 AM – 09:26 AM |
| यमगण्ड | 03:06 PM – 04:31 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:08 AM – 11:53 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:09 PM – 02:54 PM |
| चर | 06:36 AM – 08:01 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:01 AM – 09:26 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:26 AM – 10:51 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:51 AM – 12:16 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:16 PM – 01:41 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:41 PM – 03:06 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:06 PM – 04:31 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:31 PM – 05:56 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 05:56 PM – 07:31 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:31 PM – 09:06 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:06 PM – 10:41 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:41 PM – 12:16 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:16 AM – 01:51 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:51 AM – 03:26 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:26 AM – 05:01 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:01 AM – 06:36 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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