VedicSpace › पंचांग › श्रीनगर › 2026-10-25
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, रेवती नक्षत्र · रविवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्दशी | तक 11:56 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | रविवार | — | अधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण। |
| नक्षत्र | रेवती · पाद 2 | तक 07:22 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | हर्षण | तक 05:22 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 11:56 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:44 AM |
| सूर्यास्त | 05:46 PM |
| चन्द्रोदय | 05:03 PM |
| चन्द्रास्त | 05:33 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 AM – 12:37 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:08 AM – 05:56 AM |
| अमृत काल | 05:50 PM – 07:20 PM |
| राहु काल | 04:23 PM – 05:46 PM |
| गुलिक काल | 03:00 PM – 04:23 PM |
| यमगण्ड | 12:15 PM – 01:37 PM |
| वर्ज्यम् | 08:44 AM – 10:15 AM |
| दुर्मुहूर्त | 04:17 PM – 05:01 PM |
| उद्वेग | 06:44 AM – 08:06 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:06 AM – 09:29 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:29 AM – 10:52 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:52 AM – 12:15 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:15 PM – 01:37 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:37 PM – 03:00 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:00 PM – 04:23 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:23 PM – 05:46 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:46 PM – 07:23 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:23 PM – 09:00 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:00 PM – 10:37 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:37 PM – 12:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:15 AM – 01:52 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:52 AM – 03:29 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:29 AM – 05:06 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:06 AM – 06:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
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