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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2026-11-29

श्रीनगर पंचांग — 29 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, पुष्य नक्षत्र · रविवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 01:47 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुष्य · पाद 4तक 10:59 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगब्रह्मतक 05:08 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:48 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:16 AM
सूर्यास्त05:22 PM
चन्द्रोदय10:38 PM
चन्द्रास्त11:42 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:39 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:40 AM – 06:28 AM
अमृत काल06:18 AM – 07:47 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:06 PM – 05:22 PM
गुलिक काल02:50 PM – 04:06 PM
यमगण्ड12:19 PM – 01:34 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:01 PM – 04:41 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:16 AM – 08:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:31 AM – 09:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:47 AM – 11:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:03 AM – 12:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:19 PM – 01:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:34 PM – 02:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:50 PM – 04:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:06 PM – 05:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:22 PM – 07:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:06 PM – 08:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:50 PM – 10:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:34 PM – 12:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:19 AM – 02:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:03 AM – 03:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:47 AM – 05:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:31 AM – 07:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle