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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2026-12-22

श्रीनगर पंचांग — 22 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · मङ्गलवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 02:24 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 10:45 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसाध्यतक 09:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 02:24 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:33 AM
सूर्यास्त05:26 PM
चन्द्रोदय03:32 PM
चन्द्रास्त05:28 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:57 AM – 06:45 AM
अमृत काल10:10 AM – 11:35 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:57 PM – 04:11 PM
गुलिक काल12:29 PM – 01:43 PM
यमगण्ड10:01 AM – 11:15 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:30 AM – 12:09 PM
दुर्मुहूर्त02:08 PM – 02:47 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:33 AM – 08:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:47 AM – 10:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:01 AM – 11:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:15 AM – 12:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:29 PM – 01:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:43 PM – 02:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:57 PM – 04:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:11 PM – 05:26 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:26 PM – 07:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:11 PM – 08:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:57 PM – 10:43 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:43 PM – 12:29 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:29 AM – 02:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:15 AM – 04:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:01 AM – 05:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:47 AM – 07:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle