VedicSpace › पंचांग › श्रीनगर › 2026-12-28
कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, मघा नक्षत्र · सोमवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष पञ्चमी | तक 02:58 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | मघा · पाद 3 | तक 04:33 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | प्रीति | तक 05:55 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 02:58 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:35 AM |
| सूर्यास्त | 05:30 PM |
| चन्द्रोदय | 10:39 PM |
| चन्द्रास्त | 10:46 AM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | धनु |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · हेमन्त |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:59 AM – 06:47 AM |
| अमृत काल | 03:52 PM – 05:23 PM |
| राहु काल | 08:49 AM – 10:03 AM |
| गुलिक काल | 01:46 PM – 03:01 PM |
| यमगण्ड | 11:18 AM – 12:32 PM |
| वर्ज्यम् | 06:48 AM – 08:19 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:12 PM – 12:52 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 02:51 PM – 03:31 PM |
| अमृत | 07:35 AM – 08:49 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:49 AM – 10:03 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:03 AM – 11:18 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:18 AM – 12:32 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:32 PM – 01:46 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:46 PM – 03:01 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:01 PM – 04:15 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:15 PM – 05:30 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 05:30 PM – 07:15 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:15 PM – 09:01 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:01 PM – 10:46 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:46 PM – 12:32 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:32 AM – 02:18 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:18 AM – 04:03 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:03 AM – 05:49 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:49 AM – 07:35 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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