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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2027-01-13

श्रीनगर पंचांग — 13 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · बुधवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 01:02 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 10:04 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 05:54 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:02 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:36 AM
सूर्यास्त05:42 PM
चन्द्रोदय10:33 AM
चन्द्रास्त10:48 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त06:00 AM – 06:48 AM
अमृत काल03:05 PM – 04:48 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:39 PM – 01:54 PM
गुलिक काल11:23 AM – 12:39 PM
यमगण्ड08:51 AM – 10:07 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:18 PM – 12:59 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:17 AM – 10:58 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:36 AM – 08:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:51 AM – 10:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:07 AM – 11:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:23 AM – 12:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:39 PM – 01:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:54 PM – 03:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:10 PM – 04:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:26 PM – 05:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:42 PM – 07:26 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:26 PM – 09:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:10 PM – 10:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:54 PM – 12:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:39 AM – 02:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:23 AM – 04:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:07 AM – 05:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:51 AM – 07:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle