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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2027-03-11

श्रीनगर पंचांग — 11 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, रेवती नक्षत्र · गुरुवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 03:37 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्ररेवती · पाद 4तक 11:20 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगब्रह्मतक 11:22 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 03:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त06:35 PM
चन्द्रोदय08:01 AM
चन्द्रास्त09:39 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:17 PM – 01:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल09:41 AM – 11:18 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:09 PM – 03:38 PM
गुलिक काल09:44 AM – 11:12 AM
यमगण्ड06:47 AM – 08:15 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:51 PM – 02:39 PM
दुर्मुहूर्त05:00 PM – 05:47 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:47 AM – 08:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:15 AM – 09:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:44 AM – 11:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:12 AM – 12:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:41 PM – 02:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:09 PM – 03:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:38 PM – 05:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:06 PM – 06:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:35 PM – 08:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:06 PM – 09:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:38 PM – 11:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:09 PM – 12:41 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:41 AM – 02:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:12 AM – 03:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:44 AM – 05:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:15 AM – 06:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle