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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2027-03-22

श्रीनगर पंचांग — 22 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · सोमवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 04:13 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 2तक 08:46 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगगण्डतक 02:04 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 04:13 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:32 AM
सूर्यास्त06:44 PM
चन्द्रोदय06:54 PM
चन्द्रास्त06:05 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:56 AM – 05:44 AM
अमृत काल02:29 PM – 04:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:03 AM – 09:35 AM
गुलिक काल02:09 PM – 03:41 PM
यमगण्ड11:06 AM – 12:38 PM
वर्ज्यम्05:24 AM – 06:55 AM
अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 01:02 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:28 PM – 04:17 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:32 AM – 08:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:03 AM – 09:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:35 AM – 11:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:06 AM – 12:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:38 PM – 02:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:09 PM – 03:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:41 PM – 05:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:12 PM – 06:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:44 PM – 08:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:12 PM – 09:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:41 PM – 11:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:09 PM – 12:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:38 AM – 02:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:06 AM – 03:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:35 AM – 05:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:03 AM – 06:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle