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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2027-04-11

श्रीनगर पंचांग — 11 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · रविवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 09:40 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 3तक 02:53 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसौभाग्यतक 07:37 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 10:41 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:05 AM
सूर्यास्त06:59 PM
चन्द्रोदय08:47 AM
चन्द्रास्त11:56 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:06 PM – 12:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:29 AM – 05:17 AM
अमृत काल11:56 AM – 01:27 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:22 PM – 06:59 PM
गुलिक काल03:45 PM – 05:22 PM
यमगण्ड12:32 PM – 02:08 PM
वर्ज्यम्07:24 AM – 08:55 AM
दुर्मुहूर्त05:15 PM – 06:07 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:05 AM – 07:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:41 AM – 09:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:18 AM – 10:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:55 AM – 12:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:32 PM – 02:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:08 PM – 03:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:45 PM – 05:22 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:22 PM – 06:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:59 PM – 08:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:22 PM – 09:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:45 PM – 11:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:08 PM – 12:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:32 AM – 01:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:55 AM – 03:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:18 AM – 04:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:41 AM – 06:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle