VedicSpace › पंचांग › श्रीनगर › 2027-07-19
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष प्रतिपदा | तक 11:48 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा · पाद 3 | तक 02:23 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | विष्कुम्भ | तक 04:26 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | बालव | तक 10:31 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:32 AM |
| सूर्यास्त | 07:41 PM |
| चन्द्रोदय | 08:19 PM |
| चन्द्रास्त | 05:49 AM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:56 AM – 04:44 AM |
| अमृत काल | 06:41 AM – 08:30 AM |
| राहु काल | 07:18 AM – 09:04 AM |
| गुलिक काल | 02:22 PM – 04:08 PM |
| यमगण्ड | 10:50 AM – 12:36 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:08 PM – 01:04 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:54 PM – 04:51 PM |
| अमृत | 05:32 AM – 07:18 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:18 AM – 09:04 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:04 AM – 10:50 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:50 AM – 12:36 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:36 PM – 02:22 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:22 PM – 04:08 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:08 PM – 05:54 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:54 PM – 07:41 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 07:41 PM – 08:54 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:54 PM – 10:08 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:08 PM – 11:22 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:22 PM – 12:36 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:36 AM – 01:50 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:50 AM – 03:04 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:04 AM – 04:18 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:18 AM – 05:32 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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