VedicSpace › पंचांग › श्रीनगर › 2027-08-05
शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्थी | तक 02:27 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी · पाद 4 | तक 09:19 AM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | परिघ | तक 06:48 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | वणिज | तक 03:44 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:44 AM |
| सूर्यास्त | 07:29 PM |
| चन्द्रोदय | 09:01 AM |
| चन्द्रास्त | 09:09 PM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 12:09 PM – 01:04 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:08 AM – 04:56 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 02:19 PM – 04:02 PM |
| गुलिक काल | 09:10 AM – 10:53 AM |
| यमगण्ड | 05:44 AM – 07:27 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 01:59 PM – 02:54 PM |
| दुर्मुहूर्त | 05:39 PM – 06:34 PM |
| शुभ | 05:44 AM – 07:27 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:27 AM – 09:10 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:10 AM – 10:53 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:53 AM – 12:36 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:36 PM – 02:19 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:19 PM – 04:02 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:02 PM – 05:45 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:45 PM – 07:29 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 07:29 PM – 08:45 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:45 PM – 10:02 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:02 PM – 11:19 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:19 PM – 12:36 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:36 AM – 01:53 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:53 AM – 03:10 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:10 AM – 04:27 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:27 AM – 05:44 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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