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VedicSpaceपंचांगसूरत › 2026-06-13

सूरत पंचांग — 13 जून 2026

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 04:08 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 01:17 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसुकर्मातक 05:28 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 04:08 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:56 AM
सूर्यास्त07:21 PM
चन्द्रोदय03:49 AM
चन्द्रास्त05:32 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:11 PM – 01:05 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:20 AM – 05:08 AM
अमृत काल11:06 PM – 12:30 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:17 AM – 10:57 AM
गुलिक काल05:56 AM – 07:36 AM
यमगण्ड02:19 PM – 03:59 PM
वर्ज्यम्02:37 PM – 04:02 PM
दुर्मुहूर्त09:30 AM – 10:24 AM
दुर्मुहूर्त02:52 PM – 03:46 PM

दिन चौघड़िया

काल05:56 AM – 07:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:36 AM – 09:17 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:17 AM – 10:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:57 AM – 12:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:38 PM – 02:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:19 PM – 03:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:59 PM – 05:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:40 PM – 07:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:21 PM – 08:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:40 PM – 09:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:59 PM – 11:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:19 PM – 12:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:38 AM – 01:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:57 AM – 03:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:17 AM – 04:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:36 AM – 05:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle