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VedicSpaceपंचांगसूरत › 2026-07-02

सूरत पंचांग — 2 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 09:38 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 09:27 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवैधृतितक 04:39 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 09:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त07:25 PM
चन्द्रोदय09:24 PM
चन्द्रास्त07:43 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:16 PM – 01:09 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:23 PM – 04:04 PM
गुलिक काल09:22 AM – 11:02 AM
यमगण्ड06:01 AM – 07:41 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:03 PM – 02:57 PM
दुर्मुहूर्त05:37 PM – 06:31 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:01 AM – 07:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:41 AM – 09:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:22 AM – 11:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:02 AM – 12:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:43 PM – 02:23 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:23 PM – 04:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:04 PM – 05:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:44 PM – 07:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:25 PM – 08:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:44 PM – 10:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:04 PM – 11:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:23 PM – 12:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:43 AM – 02:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:02 AM – 03:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:22 AM – 04:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:41 AM – 06:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle