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VedicSpaceपंचांगसूरत › 2026-07-23

सूरत पंचांग — 23 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 07:03 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 2तक 01:42 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशुभतक 07:20 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:03 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त07:22 PM
चन्द्रोदय02:29 PM
चन्द्रास्त12:42 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:19 PM – 01:11 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल04:04 PM – 05:51 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:24 PM – 04:03 PM
गुलिक काल09:27 AM – 11:06 AM
यमगण्ड06:09 AM – 07:48 AM
वर्ज्यम्05:23 AM – 07:10 AM
दुर्मुहूर्त02:04 PM – 02:57 PM
दुर्मुहूर्त05:36 PM – 06:29 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:09 AM – 07:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:48 AM – 09:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:27 AM – 11:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:06 AM – 12:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:45 PM – 02:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:24 PM – 04:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:03 PM – 05:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:42 PM – 07:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:22 PM – 08:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:42 PM – 10:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:03 PM – 11:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:24 PM – 12:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:45 AM – 02:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:06 AM – 03:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:27 AM – 04:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:48 AM – 06:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle