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VedicSpaceपंचांगसूरत › 2026-10-02

सूरत पंचांग — 2 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:30 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 10:15 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 1तक 02:55 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्यतीपाततक 06:17 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणवणिजतक 10:15 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:30 AM
सूर्यास्त06:26 PM
चन्द्रोदय11:04 PM
चन्द्रास्त12:01 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:04 PM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:54 AM – 05:42 AM
अमृत काल07:10 PM – 08:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:58 AM – 12:28 PM
गुलिक काल07:59 AM – 09:29 AM
यमगण्ड03:27 PM – 04:56 PM
वर्ज्यम्10:11 AM – 11:41 AM
दुर्मुहूर्त11:16 AM – 12:04 PM
दुर्मुहूर्त02:27 PM – 03:15 PM

दिन चौघड़िया

चर06:30 AM – 07:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:59 AM – 09:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:29 AM – 10:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:58 AM – 12:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:28 PM – 01:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:57 PM – 03:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:27 PM – 04:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:56 PM – 06:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:26 PM – 07:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:56 PM – 09:27 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:27 PM – 10:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:57 PM – 12:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:28 AM – 01:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:58 AM – 03:29 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:29 AM – 04:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:59 AM – 06:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle