VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसूरत › 2026-10-11

सूरत पंचांग — 11 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, चित्रा नक्षत्र · रविवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:33 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 09:31 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रचित्रा · पाद 2तक 10:32 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवैधृतितक 09:05 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणकिंस्तुघ्नतक 09:22 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:33 AM
सूर्यास्त06:18 PM
चन्द्रोदय07:01 AM
चन्द्रास्त06:30 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:02 PM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:57 AM – 05:45 AM
अमृत काल04:27 PM – 06:06 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:49 PM – 06:18 PM
गुलिक काल03:21 PM – 04:49 PM
यमगण्ड12:25 PM – 01:53 PM
वर्ज्यम्06:29 AM – 08:08 AM
दुर्मुहूर्त04:44 PM – 05:31 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:33 AM – 08:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:01 AM – 09:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:29 AM – 10:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:57 AM – 12:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:25 PM – 01:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:53 PM – 03:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:21 PM – 04:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:49 PM – 06:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:18 PM – 07:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:49 PM – 09:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:21 PM – 10:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:53 PM – 12:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:25 AM – 01:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:57 AM – 03:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:29 AM – 05:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:01 AM – 06:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle