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VedicSpaceपंचांगसूरत › 2026-11-01

सूरत पंचांग — 1 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · रविवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 02:52 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 04:30 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसाध्यतक 02:39 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 02:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:41 AM
सूर्यास्त06:03 PM
चन्द्रोदय12:12 AM
चन्द्रास्त12:45 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:59 AM – 12:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:05 AM – 05:53 AM
अमृत काल11:06 PM – 12:37 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:37 PM – 06:03 PM
गुलिक काल03:12 PM – 04:37 PM
यमगण्ड12:22 PM – 01:47 PM
वर्ज्यम्01:57 PM – 03:29 PM
दुर्मुहूर्त04:32 PM – 05:17 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:41 AM – 08:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:06 AM – 09:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:31 AM – 10:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:56 AM – 12:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:22 PM – 01:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:47 PM – 03:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:12 PM – 04:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:37 PM – 06:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:03 PM – 07:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:37 PM – 09:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:12 PM – 10:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:47 PM – 12:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:22 AM – 01:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:56 AM – 03:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:31 AM – 05:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:06 AM – 06:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle