VedicSpace › पंचांग › सूरत › 2026-11-21
शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)
दिन शुद्धि: आंशिक (1/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष एकादशी | तक 06:31 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तराभाद्रपद · पाद 4 | तक 06:50 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | सिद्धि | तक 02:30 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 06:31 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 06:53 AM |
| सूर्यास्त | 05:56 PM |
| चन्द्रोदय | 03:18 PM |
| चन्द्रास्त | 03:12 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:02 PM – 12:46 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:17 AM – 06:05 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 09:38 AM – 11:01 AM |
| गुलिक काल | 06:53 AM – 08:15 AM |
| यमगण्ड | 01:47 PM – 03:10 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:49 AM – 10:34 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:15 PM – 02:59 PM |
| काल | 06:53 AM – 08:15 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:15 AM – 09:38 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:38 AM – 11:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:01 AM – 12:24 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:24 PM – 01:47 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:47 PM – 03:10 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:10 PM – 04:33 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:33 PM – 05:56 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:56 PM – 07:33 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:33 PM – 09:10 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:10 PM – 10:47 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:47 PM – 12:24 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:24 AM – 02:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:01 AM – 03:38 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:38 AM – 05:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:15 AM – 06:53 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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