VedicSpace › पंचांग › सूरत › 2026-12-04
कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, हस्त नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | तक 11:45 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शुक्रवार | — | कला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख। |
| नक्षत्र | हस्त · पाद 4 | तक 10:23 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | आयुष्मान् | तक 08:23 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 11:21 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:01 AM |
| सूर्यास्त | 05:56 PM |
| चन्द्रोदय | 02:50 AM |
| चन्द्रास्त | 02:30 PM |
| चन्द्र राशि | कन्या |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:06 PM – 12:50 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:25 AM – 06:13 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 11:06 AM – 12:28 PM |
| गुलिक काल | 08:22 AM – 09:44 AM |
| यमगण्ड | 03:12 PM – 04:34 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:23 AM – 12:06 PM |
| दुर्मुहूर्त | 02:17 PM – 03:01 PM |
| चर | 07:01 AM – 08:22 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:22 AM – 09:44 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:44 AM – 11:06 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:06 AM – 12:28 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:28 PM – 01:50 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:50 PM – 03:12 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:12 PM – 04:34 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:34 PM – 05:56 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| रोग | 05:56 PM – 07:34 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:34 PM – 09:12 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:12 PM – 10:50 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:50 PM – 12:28 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:28 AM – 02:06 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:06 AM – 03:44 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:44 AM – 05:22 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:22 AM – 07:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
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